क्या डाक विभाग बदलेगा GDS के फेशियल अटेंडन्स का नियम? : जानें यूनियन ने विभाग से क्या अनुरोध किया
Will the Postal Department change the rules of facial attendance of GDS? : Know what the union requested from the department
AIGDSU की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक 4 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में हुई। इस बैठक में ब्रांच पोस्टमास्टर्स (BPMs) और GDS पर लागू किए गए आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया।
मुख्य चिंताएँ:
- यह प्रणाली केवल GDS पर लागू की जा रही है, जबकि मेल ऑफिस, सब ऑफिस, हेड ऑफिस, क्षेत्रीय कार्यालय और निरीक्षण वर्ग के कर्मचारियों पर ऐसी व्यवस्था लागू नहीं है।
➝ अर्थात्, यह प्रणाली असमान रूप से लागू की जा रही है। - गाँवों में डिजिटल सुविधा कमजोर है, जैसे:
- इंटरनेट कनेक्टिविटी खराब
- बिजली की अनियमित उपलब्धता
इससे रोज़ाना बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना बहुत कठिन हो जाता है।
- अपने निजी मोबाइल और आधार क्रेडेंशियल्स का प्रतिदिन दो बार उपयोग अनिवार्य करना, GDS कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ डालता है और उनकी निजता भी प्रभावित होती है।
कमिटी की मांग:
कमिटी ने विभाग से अनुरोध किया है कि इस प्रणाली की समीक्षा करके इसे बदला जाए और कोई समान, न्यायसंगत और सुविधाजनक विकल्प लागू किया जाए, जैसे:
- सुरक्षित पासवर्ड आधारित प्रणाली
- OTP आधारित उपस्थिति प्रणाली
ताकि दक्षता बनी रहे और किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।
हम विभाग से तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं ताकि ब्रांच पोस्टमास्टर्स और GDS के अधिकारों व सुविधा की रक्षा हो सके।